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यूजीसी के खिलाफ स्वर्ण समाज में घोर आक्रोश,परशुराम सेना एवं करणी सेना ने निकाला आक्रोश मार्च कैमूर से रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट

यूजीसी के खिलाफ स्वर्ण समाज में घोर आक्रोश,परशुराम सेना एवं करणी सेना ने निकाला आक्रोश मार्च

यूजीसी के खिलाफ स्वर्ण समाज में घोर आक्रोश,परशुराम सेना एवं करणी सेना ने निकाला आक्रोश मार्च

कैमूर केंद्र सरकार के द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) क़ानून लागू करने को लेकर सवर्ण समाज में इस कानून को लेकर लगातार विरोध किया जा रहा है। वही सुप्रीम कोर्ट के द्वारा इसपर स्टे लगाने के बाद लोगों ने कोर्ट के फैसले पर भरोसा जाता रहे है परन्तु इस कानून को पूर्ण रूप से हटाने को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है

   करनी सेना के प्रवक्ता प्रिंस सिंह मौके पर मौजूद रहे

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शुक्रवार को यूजीसी क़ानून और भाजपा सरकार के द्वारा इस तरह के नीतियों के विरोध में जिले के स्वर्ण समाज का गुस्सा फूट पड़ा। वही परशुराम सेना, करणी सेना और समस्त स्वर्ण समाज के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने जिले के भभुआ सड़क पर उतरकर यूजीसी क़ानून के खिलाफ जोरदार आक्रोश मार्च निकाला और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की  सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत, पर आंदोलन जारी-इस विरोध प्रदर्शन के दौरान परशुराम सेना और करणी सेना ने मीडिया को संबोधित करते हुए माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के रुख पर संतोष जताया। उन्होंने यूजीसी के विवादास्पद फैसलों पर कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक का स्वागत करते हुए न्यायपालिका को धन्यवाद दिया है। वहीं”जब तक UGC पूर्णतः नहीं हटता, संघर्ष रहेगा जारी” के नारा के साथ यूजीसी क़ानून के खिलाफ जोरदार आक्रोश जताया

परशुराम सेना के अध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी मौके पर मौजूद रहे

संगठन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि कोर्ट की रोक एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह अंतिम जीत नहीं है। उन्होंने कहा “जब तक UGC को पूर्ण रूप से हटाया नहीं जाता या स्वर्ण समाज के हितों के खिलाफ नीतियों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक हमारा यह आक्रोश मार्च और आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। हम अपने अधिकारों के लिए पीछे हटने वाले नहीं हैं।”

      हजारों की संख्या में उपस्थित रहे स्वर्ण समाज के कार्यकर्ता

भारी संख्या में उमड़ा जनसैलाब-आक्रोश मार्च में परशुराम सेना और करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। स्थानीय लोगों और स्वर्ण समाज के युवाओं ने भी इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे समाज की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे और आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी धार दी जाएगी।

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